🍁रे कर्म ! तूं सबको नचाता है।🍁
🙏आदीश्वर भगवान को 1 वर्ष तक शुद्ध गोचरी नहीं मिली। 🍂
🙏महावीरस्वामी भगवान 82 दिन तक देवानंदा के गर्भ में रहे ।🍀
🙏महावीरस्वामी भगवान को साढे बारह वर्ष उपसर्ग हुए । 🔥
🙏सगर चक्रवर्ती के 60 हजार पुत्र एक ही दिन मृत्यु की गोद में गये।🍃
🙏सुभूम चक्रवर्ती ने देवताओं के सान्निध्य में रहते हुए भी मृत्यु एवं 7 वीं नरक को पाया।
🙏सनत्कुमार चक्रवर्ती – 700 वर्ष तक सोलह रोग के भोगी बने ।💦
🙏ब्रह्मदत्त चक्रवर्ती को 7वीं नरक मिली। 16 वर्ष तक अंधा रहना पड़ा।❄️
🙏रावण ने हजारों देवता सेवा में रहने पर भी लक्ष्मण के हाथ से मृत्यु पायी।☘️
🙏कृष्ण 56 करोड़ यादवों के मालिक होने पर भी वन में मृत्यु को प्राप्त हुए।🌼
🙏राजपुत्री वसुमती (चन्दनबाला) को बाजार में जाकर बिकना पड़ा।🍁
🙏आर्द्र कुमार, नंदिषेण, अरणिक मुनि इत्यादि को संयम छोड़ना पड़ा।🔥
🙏कलावती रानी के हाथ के कांडे काट दिये गये।🌟
🙏द्रौपदी सती पाँच पाँडवों की पत्नी बनी।
🙏राजा श्रेणिक को पुत्र कोणिक के द्वारा चाबुक से मार खानी पड़ी। 🌟
🙏ढंढण ऋषि को (अणगार) स्वलब्धि से शुद्ध आहार छः महीने तक नहीं मिला।🍁
🙏सुदर्शन सेठ को कलंक के कारण शूली पर चढना पड़ा, परन्तु शील के प्रभाव से शूली का सिंहासन हुआ ।🍂

