सुगंध और मंत्र द्वारा ग्रह शांति
इस नवग्रह मंत्र जाप से होगी परेशानियां दूर
➡️✅सुगंध और मंत्र द्वारा ग्रह शांति✅➡️
🎯सुगंध और मंत्र द्वारा ग्रह शांति इस प्रकार हैं- सबसे पहले इस मंत्र को रोज 108 बार जप करें
🪔 सूर्य: ——— केसर तथा गुलाब का इत्र या सुगंध का उपयोग करने से सूर्य प्रसन्न होते हैं।
🪔 चंद्र: ———- चमेली और रातरानी का इत्र या सुगंध चंद्रमा की पीड़ा को कम करते हैं।
🪔 मंगल: ——— लाल चंदन का इत्र, तेल अथवा सुगंध मंगल को प्रसन्न करते हैं।
🪔 बुध: ————- इलायची तथा चंपा की सुगंध बुध को प्रिय होती है- चंपा का इत्र तथा तेल का प्रयोग बुध की दृष्टि से उत्तम है।
🪔 गुरू: ————- पीले फूलों की सुगंध, केसर और केवड़े का इत्र गुरू की कृपा प्राप्ति के लिए उत्तम है।
🪔 शुक्र: ———— सफेद फूल, चंदन और कपूर की सुगंध लाभकारी होती है। चंपा, चमेली और गुलाब की तीक्ष्ण खुशबू से शुक्र नाराज हो जाते हैं।हल्की खुशबू के परफ्यूम ही काम में लेने चाहिए।
🪔 शनि: ————कस्तुरी, लोबान तथा सौंफ की सुगंध शनि देव को पसंद है।
🪔 राहु और केतु: —-काली गाय का घी व कस्तुरी का इत्र इन्हें पसंद है।🙏

