आसो सुदी पुर्णिमा शरद पूनम
09 अक्टूबर 2022 रविवार।
शरद पूनम का जैन धर्म के अनुसार महत्व और उसके फायदे
एक कहावत है
शतं जीव शरदं
भारतीय ऋतु चक्र में पूरे साल में 6 ऋतु होती है।
उसमें से सिर्फ शरद ऋतु का नाम ही क्यों लिया गया है?
क्योंकि शरद ऋतु यानी कई प्रकार के रोगों का घर।
बारिश अभी अभी जा रही है, भाद्रपद माह की तेज धूप चल रही है, ठंडी शुरू होने की तैयारी है ।
यानी 3 ऋतु का संगम है।
इस समय में खाने पीने में थोड़ी भी गड़बड़ हुई तो आदमी बीमार हो जाता है।
🔷इसीलिए कहा है कि जो आदमी 100 शरद ऋतु तक अच्छे स्वास्थ्य के साथ जीता है वह सुखी कहलाता है।
🔶हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए हमारे शास्त्रकार ने इस संधि काल में आयंबिल की ओली को धर्म के माध्यम से रखा है।
इस समय में तप करने से शरीर अच्छा रहता है और जाप करने से मन तंदुरुस्त रहता है।
कैसी अद्भुत व्यवस्था रखी गई है!!
🟪किंतु हम हमारे इस धर्म और संस्कृति को भूल रहे हैं, परिणाम स्वरूप हम मन और शरीर दोनों तरफ से दुखी हो रहे हैं।
🟦शरद पूनम की रात को चंद्र अतिशय बलवान रहता है।
वह पृथ्वी से बहुत ही नजदीक होता है। चंद्र बड़ा तेजस्वी रहता है।
🟩ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से सोचें तो चंद्र यानी मन।
जिसका चंद्र यानी कि मन अच्छा है उसका सब कुछ अच्छा है।
🟨टेक्नोलॉजी के युग में सभी की बुद्धि बिगड़ रही है, क्योंकि बुद्धि का दुरुपयोग बढ़ रहा है।
इसीलिए मानसिक रोग बढ़ रहे हैं।
🟧मन की शांति, समाधि, निर्मलता के लिए यह रात्रि अति फायदेमंद है।
🟥जिनकी कुंडली में चंद्र निर्बल (weak) है, बहुत विचार आते हैं, बहुत गुस्सा आता है उनके लिए यह रात्रि अति महत्वपूर्ण है।
ॐ ह्रीं नमो अरिहंताणं
इस मंत्र का 1008 बार या उससे अधिक जाप शरद पूर्णिमा की रात्रि में करने से बहुत फायदा होगा।
ॐ ह्रीं अर्हं श्री चंद्रप्रभस्वामी ने नमः
इस मंत्र का 1008 बार जाप करने से चंद्र ग्रह का अशुभ प्रभाव कम होता है या दूर हो जाता है।
🔹🔸चलिए जानते हैं इस रात्रि के दरमियां और क्या आराधना करने से कितने फायदे होते हैं।
🟨विद्या की देवी, ज्ञान की अधिष्ठात्री, सद्बुद्धि देने वाली, भगवती मां सरस्वती की आराधना करने का श्रेष्ठ दिन है।
⚪️शरद पूनम की रात को जो कोई भी श्रद्धा से सरस्वती देवी की आराधना करता है, उस पर मां भगवती की कृपा अवश्य होती है।
🟣जिसे पढ़ने में तकलीफ रहती है, ज्ञान का बोध नहीं हो रहा है, याद शक्ति कमजोर है, बोलने में तकलीफ है आदि
🔵जिनको खूब पढ़ना है, ज्ञान की आराधना करके सुंदर परिणाम लेने हैं, उनको शरद पूनम की रात में चंद्र का प्रकाश अपने ऊपर आवे उस तरह बैठकर सरस्वती देवी का जाप अवश्य करना है।
ॐ ऐं नमः
ॐ ह्रीं सरस्वत्यै नमः
ॐ ह्रीं नमो नाणस्स
🟢ऊपर दिए गए कोई भी मंत्र की कम से कम एक माला चंद्र के सामने देख कर अवश्य गिने।
🟡कोई भी मंत्र का जप 1008 बार एकाग्रता से चंद्र के सामने देखकर जिन्होंने किया है उनको सरस्वती देवी की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।
🟠नमुत्थुणं स्तवन या शक्रस्तव स्तोत्र 9-18- 27- 36 या 108 बार अपनी शक्ति के अनुसार गिनने से मन की शुद्धि होती है, मन के भावों की निर्मलता बढ़ती है। शांति, शाता, समाधि मिलती है। अशुभ कर्मों का नाश होता है।
🔴शरद पूनम की चांदनी कई सारे रोगों में से मुक्ति पाने के लिए बहुत ही उपयोगी है।
🌟अगर आपके शरीर में बहुत गर्मी रहती है, त्वचा से संबंधित प्रॉब्लम रहते हैं, आपकी आंख ठीक नहीं है, तो चंद्र का प्रकाश शरीर पर आ रहा है ऐसे बैठने से या सोने से बहुत ही फायदा होता है।
💠जिनको पित्त की तकलीफ होती है वह लोग खड़ी साकर को रात में चंद्र के उदय से लेकर दूसरे दिन सुबह सूर्योदय तक चंद्र की चांदनी आती हो ऐसी जगह में पतला सफेद कपड़ा ढक कर रखें।
फिर जब जरूरत होने पर उसका उपयोग करें। यह साकर गर्मी के समय में वापरने से अमृत जैसा फल देती है।
💠अगर आपकी आंख में चश्मा का नंबर है, तो जितना हो सकता है उतने ज्यादा समय तक चंद्र के सामने देखकर बैठने से आंखों की बीमारी से राहत मिलती है ।
🟥इस रात्रि में केले (banana) को चंद्र के प्रकाश में रखकर दूसरे दिन सुबह खाने से शरीर को बहुत पुष्टि मिलती है।
🟦जिनको मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा चाहिए वह सभी लोग इस रात्रि का खूब लाभ उठाए
❇️शरद पूर्णिमा के दिन 5 पांडव 20 करोड़ मुनियों के साथ अनशन करके सिद्ध पद पर पहुंचे थे।
उन सभी सिद्ध के जीवों को याद करके
ॐ ह्रीं नमो सिद्धाणं
इस मंत्र का जप कर सकते है।

