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दिवाली के शुभ दिनों में जैन धर्म अनुसार कैसे करे साधना

अनंत लब्धि के स्वामी गौतम स्वामी को नमन🌟🌟

प्रणाम,

🔴आज मैं आपको दिवाली के शुभ दिनों में जैन धर्म अनुसार कैसे साधना और आराधना करनी है वह बताने जा रहा हूं।

💫🪄सुखदायक, समृद्धि दायक, शांति, शाता, समाधि देनेवाली, यश, मान, प्रतिष्ठा देनेवाली और हर एक जैन के घर में करने जैसी दिव्य- दिवाली की साधना -आराधना।

🟣5 दिन की यह साधना बहुत ही सरल है, किंतु उसका फल विशिष्ट है।

🟪साधना के 5 दिन की सूची नीचे दि गई हैं।
आराधना का
दिन 1) बारस 22-10-2022
दिन 2)  तेरस 23-10-2022
दिन 3)  चौदस 24-10-2022
दिन 4) अमावस 25-10-2022
दिन 5) नूतन वर्ष 26-10-2022

🔸🔹पांचों दिन में जो आवश्यक क्रिया है उसकी सूचना यहां नीचे दी गई है।

🎇रोज सुबह घर के मुख्य द्वार पर आसोपालव, आम के पत्ते या ताज़ा फूलों का तोरण लगाना है।

🎆घर के मुख्य दरवाजे पर कुमकुम से साथिया करना है, और कुमकुम का छांटना करना है।

🎇घर में सुबह शाम गूगल का धूप करना है, शंखनाद करना है, घंटनाद करना है।

🎆घर के सभी सदस्यों को सुबह या शाम, दिन में एक बार सामूहिक तौर पर जाप करना है या आराधना करनी है।

🎇घर के सभी सदस्यों को आनंद से रहना है, किसी को तकलीफ ना हो ऐसा वाणी और बर्ताव करना है।

🎆रोज जाप करते समय सफेद या पीला गरम आसान लेना है, उसके ऊपर बैठकर पूर्व या उत्तर तरफ अपना मुख हो उस तरह बैठकर जाप करना है।
🎇प्रभु पूजा करनी है, प्रार्थना करनी है और परमात्मा को उत्तम प्रकार का फल और नैवेद्य चढ़ाना है।

🎆घर की कम से कम एक व्यक्ति को 5 दिन तक खीर का एकासना करना है। घर के ज्यादा सदस्य करें तो बहुत ही उत्तम है।

🌟जो भाग्यशाली दिपावली का छट्ठ करते हैं वे सादा ऐकासना कर सकते है।

🎇विश्व के सभी जीव सुखी हो ऐसी प्रार्थना करनी है।
🎇शक्ति हो तो इन दिनों में साधर्मिक को मदद करनी है।

*🟦🔵इस लेख में दी गई माहिती दो या तीन बार बराबर पढ़ने से समग्र आराधना कैसे करनी है, वह आपकी समझ में आ जाएगा

इन पांचों दिनों में गौतम स्वामीजी का नीचे दिया गया मंत्र मुख्य है।

📿📿इस मंत्र की टोटल 125 माला यानी 12500 जाप 5 दिनों में करना है।

🟠आप की अनुकूलता अनुसार आप पूरे दिन में यह माला गिन सकते हैं।

पांचों दिन में यह मंत्र मुख्यमंत्र के तौर पर गिना जाएगा।

ॐ ह्रीं श्री अरिहंत उवज्झाय गौतमस्वामी ने नमः

बाकी के मंत्र जाप अलग-अलग दिन के महत्व के अनुसार करने होंगे।

*🟡चलिए जानते हैं कि कौन से दिन का क्या महत्व है और उस दिन क्या-

आराधना का दिन 1
आसो वदी १२, शनिवार, 22-10-2022
वाक् बारस, धन्य तेरस

🍃🍃इस दिन सुबह 8:00 से 8:30 के बीच में
घर की मुख्य स्त्री जो है उसे घर के मुख्य द्वार पर तोरण बांधना है।
♦️♦️घर के मुख्य द्वार पर कुमकुम का साथिया करना है और कुमकुम का छांटना करना है।
🪔घर में जिस जगह पर अखंड दीपक की स्थापना करनी है उस स्थान को गुलाब जल से शुद्ध करना है।
🪔फिर जिस पात्र में अखंड दीया करना है उसमें सुपारी और चांदी का सिक्का रखना है।
🔵देसी गाय का घी भरकर नवकार मंत्र का स्मरण करते हुए दीपक प्रगट करना है और साथ ही सुगंधित धूप भी करना है।

सूचना: 
♦️🔸♦️🔸

✨✨यह सब सामग्री 1 दिन पहले तैयार करके रखें।
🟥दीपक ऐसे स्थान पर रखें कि जहां ज्यादा हवा नहीं आ रही हो।
🟧घर में छोटे बच्चे हैं तो वह पहुंच ना सके ऐसे स्थान पर दीया रखना है।
🔴दीपक की ज्योत घर में जो भगवान है उनकी तरफ या घर के अंदर की तरफ रहे ऐसे रखनी है।
🟪दीपक की बत्ती मौली या रुई की बनाकर रखे।
🟣दीपक स्थापित करने के बाद वह हिले नहीं उसका ध्यान रखना है।

🟦इतना करने के बाद सबसे पहले सरस्वती देवी की प्रार्थना करनी है।

🟠जिसमें( कुंदिंदु गोक्खीर…. या आमूलालोल-धूली….) ये स्तुति या आपको सरस्वती देवी की जो स्तुति अच्छी लगती है वह बोल सकते हैं।

🟡वाक् बारस सरस्वती देवी की आराधना करने के लिए उत्तम दिन है।
🟩इस दिन उनकी आराधना करने से बोलने में जिनको तकलीफ होती है वह दूर होती है, वाणी का चातुर्य = वाक् चातुर्य सुधरता है। जिनको बोलने में दिक्कत होती है उनको इस दिन सरस्वती देवी की साधना करने से लाभ होता है।

📿📿ॐ ऐं नमः

इस मंत्र की कम से कम एक माला करनी है ।
🔹आपके घर में बच्चे हैं तो उनके पास सरस्वती देवी की स्तुति करवानी चाहिए।
🔸सरस्वती देवी की फोटो या मूर्ति के ऊपर वासक्षेप से पूजा करवानी है।
🔹परमात्मा की स्तुति, स्तवन, गाथा वगेरे कोई भी एक धार्मिक अभ्यास करवाना है।
🟢सबसे पहले ऊपर दिया गया गौतम स्वामी का मंत्र का जाप करने के बाद यह जो मंत्र दिए गए हैं उनका जाप करना है।

🟨आसो वदी बारस के दिन श्री पद्मप्रभस्वामी परमात्मा का जन्म कल्याणक है।

📿📿ॐ ह्रीं श्री पद्मप्रभ अर्हते नमः
इस मंत्र की 1 या उससे ज्यादा माला करनी है।

🔵श्री नेमिनाथ परमात्मा का च्यवन कल्याणक भी इसी दिन है।

📿📿ॐ ह्रीं श्री नेमिनाथ परमेष्ठीने नमः
इस मंत्र की 1 या उससे ज्यादा माला करनी है।

आज के दिन संध्या समय या रात्री के समय घर में लक्ष्मी देवी का पूजन करना है।
लक्ष्मी देवी की फोटो या प्रतिमा बैठे हुए हो यह बात खास ध्यान मे रखे।

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आराधना दिन 2
आसो वदी तेरस, रविवार,
23-10-2022
धन्य तेरस, काली चौदस

🟧तेरस के दिन श्री पद्मप्रभस्वामी परमात्मा का दीक्षा कल्याणक है।

📿📿ॐ ह्रीं श्री पद्मप्रभनाथाय नमः
इस मंत्र की 1 या उससे अधिक माला गिने।

🔴हम जिसे धनतेरस के नाम से जानते हैं वह वास्तव में धन्य तेरस है।
चलिए जानते हैं उसके पीछे का सच्चा कारण
💫🌟💫प्रभु महावीर ने अपने ज्ञान से देखा कि अब उनका आयुष्य बहुत ही अल्प है।
इसीलिए अपने अंतिम समय में विश्व के सभी जीवो को विशेष बोध देने हेतु 16 प्रहर की देशना (यानी 48 घंटे) की देशना देने का ऐलान किया गया।
🟪समग्र नगरी में यह बात बहुत ही वेग से सभी के पास पहुंची। सब लोग अपने आप को धन्य मानने लगे और ऐसा समाचार मिला तो इस दिन को भी धन्य है ऐसा कहने लगे।
🟣उस दिन तेरस थी सो धन्य तेरस के नाम से इस दिन का प्रचार प्रसार हुआ।
🟠काल के प्रभाव और अपभ्रंश होने से यह दिन धनतेरस के नाम से अभी प्रचलित है।

आज के दिन संध्या समय या रात्री में  नीचे दिए गए मंत्र का जाप करना है-साधना करनी है।

आपकी फैक्टरी या ऑफिस में किसी भी प्रकार की मशीन या यंत्र है उसका पूजन करना है।

🎇🎆काली चौदस के नाम से प्रख्यात इस दिन का मंत्र साधना के लिए बड़ा ही महत्व है।

🟨🟡किसी भी प्रकार के मंत्र, तंत्र,वशीकरण, भूत, प्रेत आदि,
🔵🟦अशुभ तत्वों की तकलीफ को दूर करने के लिए,
🟢🟩नेगेटिव थिंकिंग, किसी भी प्रकार के डर की समस्या दूर करने के लिए और कोर्ट केस, पुलिस केस, शत्रु भय आदि हर एक प्रकार के अशुभ तत्व को दूर करने के लिए समग्र वर्ष का यह सबसे अच्छा दिन है।
🟦ऊपर दी गई नित्य क्रिया करने के बाद पूरे दिन के दौरान गौतम स्वामी के मंत्र का जाप करना है ।

🎆मध्य रात्रि को 11:30 से 12:30 के समय में
📿📿ॐ घंटाकर्ण महावीर नमोस्तुते ठः ठः ठः स्वाहा

इस मंत्र का अधिक से अधिक जाप करना

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आराधना का दिन 3
आसो वदी चौदस, सोमवार,
दिवाली
24-10-2022

🟥 सब से ऊपर दी गई नित्य क्रिया करने के बाद पूरे दिन में गौतम स्वामी के मंत्र का जाप करना है।

🌟🌟आज चरम तिर्थपति श्री महावीर स्वामी परमात्मा का निर्वाण कल्याणक है।

इसलिए रात को

📿📿ॐ ह्रीं श्री वर्धमानस्वामी पारंगताय नमः
इस मंत्र का जाप करें।

🪄🪄प्रभु के अधिष्ठायिका सिद्धियिका देवी का भी नीचे दिए गए मंत्र से जाप कर सकते हैं।

📿📿ॐ ह्रीं श्री सिद्धायिका पूजिताय श्री वर्धमानस्वामीने नमः

इस मंत्र की एक माला या उससे ज्यादा जाप करें।

❇️आजके दिन संध्या काल के बाद और रात 12 बजे से पहले

श्री महावीर स्वामी सर्वज्ञाय नमः

👆इस मंत्र का जाप करे।

❇️मध्य रात्रि को नीचे👇 दिए गए मंत्र का जाप करें।

श्री महावीर स्वामी पारंगताय नमः

❇️पिछली रात को और  ब्रह्म मुहूर्त में  नीचे 👇दिए गए मंत्र का जाप करें।

श्री गौतम स्वामी सर्वज्ञाय नमः

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आराधना दिन 4
मंगलवार, 25-10-2022
आसो वदी अमावस

आज दोपहर में सूर्य ग्रहण है।

💎आसो वदी अमावस के दिन सूर्य ग्रहण हो तो मंत्र सिद्धि के लिए उत्तम माना जाता है।
💠दोपहर 04-38 से शाम को 06-08 बजे तक मंत्र साधना के लिए उत्तम समय है।
💎गौतम स्वामी का जो मंत्र है उसका ज्यादा से ज्यादा जाप इस समय के दौरान करे, ताकी मंत्र अधिक फलदायी बने।

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आराधना दिन-5
कार्तिक सुदी एकम,
बुधवार, 26-10-2022
नूतन वर्ष

🌅🌅नूतन वर्ष का प्रारंभ गौतम स्वामी के केवलज्ञान के प्रकाश से हो रहा है।

📿📿उनके मंत्र की जो टोटल 125 माला करनी है,उसमें जितनी माला बाकी है वह आज के दिन संध्याकाल के पहले जाप को पूरा करना है।

🔴🔵सुबह में देरासर जाकर परमात्मा के समक्ष आपकी साधना पूर्ण हो गई है उसके लिए परमात्मा का आभार मानना है।
♦️♦️♦️परमात्मा को उत्तम प्रकार के सवा किलो चावल, अखंड दीपक में रखा हुआ चांदी का सिक्का या लगडी, फल में श्रीफल या बिजोरा रखना है। उसके अलावा नैवेद्य में सवा दो किलो मीठी बूंदी अर्पण करनी है।

बार-बार परमात्मा का बहुत ही आभार माने।

💠इस तरह 3 साल अखंड रूप से जिनके घर में भक्तिभाव पूर्वक और पूर्ण श्रद्धा से यह साधना- आराधना की जाती है, उनके घर में सदा सुख, शांति, समृद्धि रहती है।
👑👑सरस्वती और लक्ष्मी देवी दोनों का वास उनके घर में रहता है।