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भक्तामर गाथा 15: प्रभाव-वृद्धि, वीर्य-रक्षा एवं मनोविकार नाशक गाथा

Bhaktamar Gatha 15

🌟 भक्ति की अमर गाथा – भाग 15

भूमिका भक्तामर स्तोत्र केवल एक स्तुति नहीं, बल्कि यह 48 दिव्य मंत्रों की ऐसी श्रृंखला है जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम बनती है। प्रत्येक गाथा में चमत्कारी ऊर्जा छिपी है — स्वास्थ्य, समृद्धि और अध्यात्मिक उन्नति के लिए।

इस ब्लॉग श्रृंखला में हम 48 गाथाओं की विस्तृत व्याख्या, साधना विधि, चमत्कारी लाभ और व्यवहारिक प्रयोग आपके समर्पण में प्रस्तुत करेंगे।


गाथा 15: प्रभाव व वीर्य रक्षक, मनोविकार नाशक।

श्लोक

चित्रं – किमत्र यदि ते त्रिदशाङ्ग-नाभिर्-
नीतं मनागपि मनो न विकार – मार्गम्।
कल्पान्त – काल – मरुता चलिताचलेन,
किं मन्दराद्रिशिखरं चलितं कदाचित्॥


सरल अर्थ:

यह गाथा कहती है:

“हे प्रभु! यदि देवांगनाओं के सौंदर्य के बावजूद भी आपका मन विकार मार्ग की ओर नहीं जाता, तो इसमें आश्चर्य क्या है?
जैसे प्रलयकाल की प्रचंड वायु भी मंदराचल पर्वत को हिला नहीं सकती, वैसे ही आपका चित्त सदैव अचल और निर्मल है।”


आध्यात्मिक भावार्थ:

  • यह गाथा ब्रह्मचर्य, आत्मसंयम और अडिग मन का सर्वोच्च आदर्श प्रस्तुत करती है।
  • प्रभु का मन सभी परिस्थितियों में विकार रहित रहता है — यही साधक के लिए प्रेरणा है।
  • यह श्लोक प्रभाव-वृद्धि, सम्मान प्राप्ति, और आंतरिक शक्ति संरक्षण के लिए विशेष प्रभावशाली माना गया है।

गाथा 15 के चमत्कारी लाभ

लाभ क्षेत्रप्रभाव
प्रभाव एवं सम्मान वृद्धिसमाज में मान-सम्मान और प्रभाव बढ़ता है
वीर्य रक्षकआत्मबल और ऊर्जा का संरक्षण
झगड़ा निराकरणविवाद, कलह और तनाव में शांति
निर्मल ब्रह्मचर्य पालन संयम, पवित्रता और स्थिरता
मनोविकार नाशकाम, क्रोध, मोह जैसे विकार शांत
आत्मिक स्थिरता मन अडिग, केंद्रित और शुद्ध

साधना विधि (Bhaktamar Gatha 15 Sadhana)

  1. प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. शांत स्थान पर जिनप्रतिमा के सामने दीपक जलाएं।
  3. गाथा 15 का 21, 51 या 108 बार पाठ करें।
  4. पाठ के समय मन में यह भाव रखें कि आपका चित्त पर्वत के समान अडिग और निर्मल हो रहा है।
  5. अंत में आत्मसंयम, शांति और शक्ति के लिए प्रार्थना करें।

मंत्रोक्त ऊर्जा विज्ञान

  • यह गाथा मूलाधार और सहस्रार चक्र को संतुलित करती है।
  • इससे साधक की Inner Strength बढ़ती है और मानसिक विकार शांत होते हैं।
  • ऊर्जा संरक्षण से आत्मविश्वास और स्थिरता विकसित होती है।

Bhaktamar Mantra Healing Insight:

हर दिन एक गाथा, हर गाथा एक क्रांति।
जैसे पहला कदम जीवन की दिशा तय करता है, वैसे ही गाथा 15 का पाठ आपके जीवन को आध्यात्मिक दिशा में मोड़ सकता है।


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