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Bhaktamar Rakhi

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👉 हमने आपको निची 5️⃣ चिज दी हुई है, इसको आप कैसे युस करे उसकी जाणकारी में ने नीचे दी हुई है

1️⃣ भक्तामर रक्षाकवच
2️⃣ पंचमुखी रुद्राक्ष
3️⃣ नवग्रह औषधी चुणॅ
4️⃣ अभिमंत्रित वासक्षेप
5️⃣ रक्षापोटली

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Description

रक्षाकवच किट की जाणकारी
2️⃣0️⃣2️⃣3️⃣

👉 हमने आपको निची 5️⃣ चिज दी हुई है, इसको आप कैसे युस करे उसकी जाणकारी में ने नीचे दी हुई है

1️⃣ भक्तामर रक्षाकवच
2️⃣ पंचमुखी रुद्राक्ष
3️⃣ नवग्रह औषधी चुणॅ
4️⃣ अभिमंत्रित वासक्षेप
5️⃣ रक्षापोटली

👉 भक्तामर रक्षाकवच कैसे धारण करे

➡️ आपको भक्तामर रक्षाकवच मिल गया होगा अब आपको शुद्ध वस्त्र में अपने राईट हेंड में ये रक्षाकवच रखने के बाद उसके उपर अपना दूसरा हाथ रखना है अब आपको 3 नवकार मंत्र गिनना है ! और आपको भक्तामर स्तोत्र की पहली गाथा गिननी है…

👉 रक्षाकवच संकल्प

➡️ मुझे सभी प्रकार की सुख शांति और स्वस्थता की प्राप्ति के साथ आथिॅक उन्नति मिलने में सहयोग उजाॅ मील गयी है, इस प्रकार के भाव से आपको ये संकल्प 3 बार बोलना है,अब फिर से 3 बार नवकार मंत्र को गिनने के बाद आपको ये रक्षाकवच पहेनना है…

👉 पंचमुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

➡️ पांच मुखी रुद्राक्ष व्यक्ति को अ-समय मृत्यु से बचाता है।
➡️ पांच मुखी रुद्राक्ष व्यक्ति को निडर बनाता है।
➡️ इसके अलावा यह रुद्राक्ष पहनने वाला व्यक्ति आलस और अनिद्रा के चंगुल से दूर होता है।
➡️ बृहस्पति के क्रूर प्रभाव को कम करने के लिए पंचमुखी रुद्राक्ष सहायक साबित होता है।
➡️ पांच मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है।
➡️ पांच मुखी रुद्राक्ष व्यक्ति को तनाव मुक्त बनाता है।
➡️ पांच मुखी रुद्राक्ष व्यक्ति के जीवन में नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
➡️ पांच मुखी रुद्राक्ष पहनने से व्यक्ति की बुद्धि प्रखर होती है।
➡️ पांच मुखी रुद्राक्ष विद्वानों, लेखकों, पत्रकारों और ऐसे व्यवसाय से संबंधित लोगों के लिए बेहद ही उपयोगी साबित होता है।
➡️ पांच मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से एकाग्रता और याददाश्त अच्छी होती है।

👉 पंच मुखी रुद्राक्ष को कैसे धारण करे

➡️ पांच मुखी रुद्राक्ष को सोने या फिर चाँदी में मढ़वा कर या बिना मढ़वाएं भी धारण किया जा सकता है।
➡️ इस रुद्राक्ष को धारण करने से पहले इसे गंगा जल या कच्चे दूध से शुद्ध कर लीजिए। उसके बाद धूप, दीप जलाकर इसके 5 बार फेरे।
➡️ इसके बाद ‘ॐ ह्रीं नम:’ मंत्र का 108 बार जाप करें।

👉 सुगंधित औषधी प्रयोग विधि
✡️ 2️⃣1️⃣ दिन या किसी शुभ कार्य हेतु के दिन आपको ये थोडी औषधी अपने स्नान करने के पानी में डालकर उसीसे स्नान करना है, स्नान करते वक्त आप अपना रक्षाकवच का संकल्प मन में बोलते रहेना है,

✡️ मंत्र
👉 ૐ ह्रीं सिद्धि दायकाय नमः
👉 ये मंत्र 7️⃣ बार बोलकर उपयोग करना है

👉 अभिमंत्रित वासक्षेप
➡️ रोज सुबह स्नान करने के बाद चपटी शिर पर डालना है अपने गुरु का नाम लेकर

👉 रक्षापोटली माहिती
➡️ रक्षापोटली को राईट हेंड में 1 नवकार मंत्र गिनके बांधना है