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कुलदेवी, कुलदेवता को जानने के लिए यह प्रयोग करें

कुलदेवी, कुलदेवता को जानने के लिए यह प्रयोग करें

लोगों को कई बार अपने कुलदेवी/ देवता का पता नहीं होता है। इसकी कोई और वजह भी हो सकती है, जैसे वर्षों से स्थान परिवर्तन के कारण पता ही नहीं है कि हमारे कुलदेवता/देवी कौन है। उनकी पूजा कैसे होती है। कब उनकी पूजा होती है आदि।

इस कारण से वर्षों से कुलदेवता/देवी को पूजा नहीं मिल पाती है। ऐसे में घर-परिवार का सुरक्षात्मक आवरण समाप्त हो जाने से अनेकानेक समस्याएं अनायास घेर लेती हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं, एक ऐसा प्रयोग, जिससे यह जाना जा सकता है कि, आपके कुलदेवता कौन है, यह एक साधारण किन्तु प्रभावी प्रयोग है।

🌻ये है प्रयोग !

ग्यारह मंगलवार का ये प्रयोग है, इस प्रयोग की शुरुवात किसी भी शुक्लपक्ष के मंगलवार से करें। सुबह पूजन अर्चन के समय एक सुपारी लेकर उसे स्नान करवाकर पाट पर स्थापित करें, अब सहज शब्दों में प्रार्थना करें •”हे हमारे कुल गोत्र के कुल देवता आप कौन हो कहां हो ? उसका मुझे ज्ञान नहीं..मैं आपको जानना चाहता हूं इसी हेतु से मैं आपका आव्हाहन इस सुपारी में कर रहा हूं। ऐसा तीन बार कहें उसके बाद सुपारी का पंचोपचार पूजन करें और घर के मंदिर में रख दीजिए।

🌻प्रार्थना करें !

फिर रात में सोने से पहले सुपारी का फिर से पूजन कर प्रार्थना करें, •”हे हमारे कुल गोत्र के कुलदेवता मैं आपको जानना चाहता हूं? कृपा कर स्वप्न में मार्गदर्शन प्रदान कीजिए और सुपारी को अपने तकिये के नीचे रखकर सो जाईए और सुपारी को पुन: वापिस मंदिर में रख पंचोपचार पूजन प्रार्थना कर लीजिए।

🌻ग्यारह मंगलवार करें ये काम !

जिस मंगलवार आरम्भ किया, उसे जोड़ ग्यारह मंगलवार आपको कठोर उपवास रखना है यही इसका नियम है। आपको अकल्पनीय रूप से स्वप्न में आपके कुलदेवता उनके स्थान का पूर्ण मार्गदर्शन स्वप्न में आपको प्राप्त हो जाएगा। यह प्रयोग मंगलवार से शुरू करें और 11 मंगलवार तक करते रहें। मंगलवार को सुबह स्नान आदि से स्वच्छ पवित्र हो अपने देवी देवता की पूजा करें। इस अवधि में शुद्धता का विशेष ध्यान रखें ,यहां तक कि बिस्तर और सोने का स्थान तक शुद्ध और पवित्र रखें। ब्रह्मचर्य का पालन करें और -मदिरा से पूर्ण परहेज रखें।

🌻समस्याएं होंगी समाप्त !

इस प्रयोग की अवधि के अन्दर आपको स्वप्न में आपके कुलदेवता/देवी की जानकारी मिल जाएगी।