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ब्रेस्लेट धारण करने की विधी

1️⃣ ब्रेस्लेट धारण करने की विधी
👉 जल से शुद्ध करें शुद्ध वस्त्र में पूर्व दिशा की और मुख करके आपको लेफ्ट हैंड में ब्रेसलेट रखना है और उसके उपर अपना राईट हेंड रखना है ! अब आपके संकल्प यानि की हेतु को 3 बार बोलना है फिर 3 बार नवकार मंत्र या अपने इष्ट देव का नाम लेना है और अपनी हथेली में रखें!
👉 ब्रेस्लेट से आपका कार्य पूर्ण होगा उस विश्वास के साथ आपको उसे धारण करना है! रोज दिन में 1 बार ब्रेसलेट पर हाथ रखकर अपना संकल्प बोलना है और उसके लिए जो भी पुण्य उजाॅ और पुरुषार्थ की उर्जा जो आप कर रहे हो वो करते रहेना है! अंत में शुद्ध ब्रेसलेट आपकी शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को बढाता है, और इसे नियमित रूप से धारण करने से इसके लाभों को अधिक से अधिक प्राप्त कर सकते हैं !

2️⃣  वासक्षेप की माहिती
👉 वासक्षेप को अपने हाथ से अपने मस्तक पर 1 नवकार मंत्र गिनके डालना है.

3️⃣ रक्षापोटली का महत्व
👉 अपने हाथ में 3 नवकार मंत्र गिनके पहनना है.

4️⃣ 7 काडॅ यंत्र
👉 नाणा कोथली यंत्र अपने पसॅ मे रखने का और दुसरे काडॅ अपने मंदिर मे रखने का है,

5️⃣ पितृकृपा सोल्ट
👉 पितृकृपा अपने शुभ इरादो के मन में याद करते हुए
एक काच के कटोरे में गुन गुना पानी लेकर उसमे एक चमच पितृकृपा बाथ शोल्ट डाले और 30 से 40 सेकंड में जब वो पिगल जाए तो उसे नहाने के पानी की बाल्दी में डालकर स्नान कर ले.

6️⃣ अभिषेक जल
👉 भक्तामर स्तोत्र से अभिमंत्रित जल है
जो पुरे घर में सुबह-शाम छटकांव करे..